Training

Posted on 5 Comments

व्यर्थ हुए सब वाद विवाद………. नहीं उर में अपनापन आया हो वसुधा न कुटुम्ब सकी निज शील बचा न सकी लख जाया मानवधर्म न जान सका……. इतना भटका भटकी कब माया क्यों धरती पर जन्म लिया… मन आज विचार बड़ा पछताया रचनाकार